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Vijay Kedia Portfolio: इस स्मॉलकैप कंपनी में दिग्गज निवेशक विजय केडिया की एंट्री, शेयर 9% से ज्यादा उछला

भारतीय शेयर बाजार में जब भी किसी दिग्गज निवेशक की नई एंट्री होती है, तो वह सिर्फ एक निवेश नहीं बल्कि बाजार के लिए एक बड़ा संकेत माना जाता है। खासकर जब बात विजय केडिया जैसे अनुभवी और दूरदर्शी निवेशक की हो, तो निवेशकों की नजरें अपने आप उस स्टॉक पर टिक जाती हैं। हाल ही में कुछ ऐसा ही देखने को मिला, जब विजय केडिया ने Advait Energy Transitions Ltd में नई हिस्सेदारी खरीदी, जिसके बाद कंपनी के शेयरों में जोरदार उछाल दर्ज किया गया।

विजय केडिया की नई एंट्री से बाजार में हलचल

लेटेस्ट शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार, विजय केडिया ने दिसंबर तिमाही में Advait Energy Transitions Ltd में लगभग 1.14 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी है। यह हिस्सेदारी करीब 1.25 लाख शेयरों के बराबर है। जैसे ही यह जानकारी सार्वजनिक हुई, बाजार में इस स्टॉक को लेकर उत्साह देखने को मिला और निवेशकों ने तेजी से खरीदारी शुरू कर दी।

शेयर बाजार में यह आम धारणा है कि विजय केडिया बिना गहराई से रिसर्च किए किसी भी कंपनी में निवेश नहीं करते। ऐसे में उनकी एंट्री को कंपनी के बिजनेस मॉडल और भविष्य की संभावनाओं पर भरोसे के रूप में देखा जाता है।

Vijay Kedia
Vijay Kedia

शेयर में क्यों आई 9% से ज्यादा की तेजी?

विजय केडिया की हिस्सेदारी की खबर आते ही Advait Energy Transitions के शेयर में 9 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी देखने को मिली। इंट्राडे कारोबार के दौरान शेयर का भाव बढ़कर लगभग ₹1,487 तक पहुंच गया।

इस तेजी के पीछे सिर्फ केडिया की एंट्री ही नहीं, बल्कि कंपनी से जुड़ी कुछ मजबूत बुनियादी बातें भी हैं। बीते कुछ समय से यह स्टॉक दबाव में था, लेकिन जैसे ही बाजार को एक पॉजिटिव ट्रिगर मिला, निवेशकों का भरोसा लौट आया।

Advait Energy Transitions Ltd: कंपनी का बिजनेस मॉडल समझिए

Advait Energy Transitions Ltd एक स्मॉलकैप कंपनी है, जो पावर ट्रांसमिशन, OPGW (Optical Ground Wire), टर्नकी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और रिन्यूएबल एनर्जी सॉल्यूशंस के क्षेत्र में काम करती है।

कंपनी का फोकस उन सेगमेंट्स पर है, जो भारत के ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और ग्रीन एनर्जी मिशन के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं। सरकार द्वारा रिन्यूएबल एनर्जी और पावर इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ते निवेश का सीधा फायदा ऐसी कंपनियों को मिल सकता है।

नए ऑर्डर से मजबूत हुई कंपनी की स्थिति

Advait Energy Transitions को हाल ही में करीब ₹33 करोड़ का नया ऑर्डर मिला है। इस ऑर्डर ने कंपनी की ऑर्डर बुक को और मजबूत किया है। मजबूत ऑर्डर बुक किसी भी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी के लिए भविष्य की कमाई का संकेत मानी जाती है।

मार्केट जानकारों का मानना है कि अगर कंपनी समय पर प्रोजेक्ट्स को पूरा करती है, तो आने वाले तिमाहियों में इसके वित्तीय नतीजों में सुधार देखने को मिल सकता है।

शेयर का लॉन्ग टर्म ट्रैक रिकॉर्ड

अगर इस स्टॉक की पिछली परफॉर्मेंस पर नजर डालें, तो Advait Energy Transitions ने लंबे समय में निवेशकों को चौंकाने वाले रिटर्न दिए हैं।
पिछले तीन वर्षों में इस शेयर ने करीब 278 प्रतिशत तक का रिटर्न दिया है, जबकि पांच वर्षों में यह स्टॉक 5000 प्रतिशत से ज्यादा उछल चुका है।

हालांकि, हाल के महीनों में शेयर में करेक्शन भी देखने को मिला था, जिससे कई निवेशक सतर्क हो गए थे। लेकिन अब विजय केडिया की एंट्री ने स्टॉक को फिर से चर्चा में ला दिया है।

विजय केडिया का निवेश दर्शन क्यों है खास

विजय केडिया को शेयर बाजार में उनकी SMILE निवेश रणनीति के लिए जाना जाता है। SMILE का मतलब है —
Small size, Medium experience, Large ambition।

यानी ऐसी कंपनियां जो आकार में भले ही छोटी हों, लेकिन जिनके पास अनुभव, विजन और भविष्य में बड़ा बनने की क्षमता हो। Advait Energy Transitions को भी इसी नजरिए से देखा जा रहा है।

रिटेल निवेशकों के लिए क्या है सीख?

विजय केडिया की किसी स्टॉक में एंट्री निवेशकों के लिए एक पॉजिटिव संकेत जरूर होती है, लेकिन इसे निवेश की गारंटी नहीं माना जाना चाहिए। शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव हमेशा बना रहता है।

निवेशकों को चाहिए कि वे सिर्फ किसी बड़े नाम को देखकर निवेश न करें, बल्कि कंपनी के फंडामेंटल्स, कर्ज की स्थिति, कैश फ्लो और भविष्य की ग्रोथ योजनाओं का विश्लेषण जरूर करें।

आगे क्या रह सकता है शेयर का रुख?

अगर कंपनी अपने नए ऑर्डर्स को समय पर पूरा करती है और एनर्जी ट्रांजिशन सेक्टर में मिल रहे अवसरों का सही इस्तेमाल करती है, तो आने वाले समय में यह स्टॉक फिर से मजबूत प्रदर्शन कर सकता है। हालांकि, स्मॉलकैप शेयर होने के कारण इसमें उतार-चढ़ाव ज्यादा रह सकता है।

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