Taza Junction News

UIDAI का बड़ा फैसला: अब आधार में मोबाइल नंबर बदलना होगा बेहद आसान, घर बैठे कभी भी कर सकेंगे अपडेट

भारत में आधार कार्ड धीरे-धीरे केवल एक पहचान पत्र नहीं रहा, बल्कि आम नागरिक की डिजिटल पहचान बन चुका है। आज किसी भी सरकारी या निजी सेवा की शुरुआत आधार से जुड़े मोबाइल नंबर के बिना अधूरी मानी जाती है। बैंकिंग सेवाएं हों, सब्सिडी से जुड़ी योजनाएं हों, पेंशन, स्कॉलरशिप, गैस सिलेंडर, राशन या फिर मोबाइल सिम—हर जगह आधार और उससे लिंक मोबाइल नंबर अनिवार्य हो चुका है। लेकिन लंबे समय से लोगों की सबसे बड़ी शिकायत यही रही है कि आधार में मोबाइल नंबर बदलवाना बेहद झंझट भरा काम है। इसी परेशानी को दूर करने के लिए UIDAI ने अब एक ऐसा फैसला लिया है, जिसे आम जनता के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है।

अब तक स्थिति यह थी कि अगर किसी व्यक्ति का मोबाइल नंबर खो गया, बंद हो गया या बदल गया, तो उसे आधार अपडेट कराने के लिए आधार सेवा केंद्र जाना ही पड़ता था। वहां घंटों लाइन में लगना, फॉर्म भरना, कई बार नेटवर्क या सिस्टम की दिक्कत के कारण काम अधूरा रह जाना—यह सब आम अनुभव बन चुका था। नौकरीपेशा लोगों के लिए तो यह और भी मुश्किल हो जाता था, क्योंकि सिर्फ मोबाइल नंबर अपडेट कराने के लिए छुट्टी लेनी पड़ती थी। ऐसे में UIDAI का यह नया फैसला डिजिटल इंडिया की दिशा में एक बेहद जरूरी और समयानुकूल कदम माना जा रहा है।

UIDAI यानी यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने आधार सेवाओं को और अधिक डिजिटल, सरल और यूज़र-फ्रेंडली बनाने के उद्देश्य से नया Aadhaar App (फुल वर्जन) पेश किया है। इसी ऐप के जरिए अब आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर कभी भी और कहीं से भी बदला जा सकेगा। इसका सीधा मतलब है कि अब आम नागरिक को मोबाइल नंबर अपडेट कराने के लिए आधार एनरोलमेंट सेंटर के चक्कर नहीं लगाने होंगे। स्मार्टफोन और इंटरनेट की मदद से यह काम घर बैठे पूरा किया जा सकेगा।

UIDAI का बड़ा फैसला
UIDAI का बड़ा फैसला

आधार से मोबाइल नंबर जुड़ा होना आज के समय में इसलिए भी जरूरी हो गया है, क्योंकि ज्यादातर सेवाएं OTP आधारित हो चुकी हैं। चाहे बैंक खाते में लॉगिन करना हो, UPI से पेमेंट करना हो या फिर सरकारी पोर्टल पर कोई जानकारी निकालनी हो—हर जगह मोबाइल पर OTP आता है। अगर आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर अपडेट नहीं है, तो व्यक्ति कई जरूरी सेवाओं से वंचित रह जाता है। यही वजह है कि UIDAI का यह फैसला सिर्फ तकनीकी बदलाव नहीं, बल्कि आम नागरिक की रोजमर्रा की समस्याओं का समाधान भी है।

इस नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब मोबाइल नंबर अपडेट करने की प्रक्रिया पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज़ हो जाएगी। Aadhaar App में लॉगिन करने के बाद यूज़र को अपना आधार नंबर डालना होगा, जिसके बाद OTP के जरिए पहचान सत्यापित की जाएगी। इसके बाद “Update Mobile Number” विकल्प पर जाकर नया मोबाइल नंबर दर्ज किया जा सकेगा। सुरक्षा के लिहाज से UIDAI ने इसमें कई स्तरों की जांच रखी है, ताकि किसी भी तरह की धोखाधड़ी या गलत अपडेट की संभावना न रहे। UIDAI का साफ कहना है कि आधार डेटा की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

इस फैसले का असर खासतौर पर उन लोगों पर सकारात्मक रूप से पड़ेगा, जो दूरदराज के इलाकों में रहते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में आधार सेवा केंद्र अक्सर काफी दूर होते हैं, जहां पहुंचने के लिए समय और पैसा दोनों खर्च होता है। बुजुर्गों, दिव्यांगों और बीमार लोगों के लिए तो यह और भी मुश्किल होता है। अब मोबाइल नंबर अपडेट जैसी जरूरी सेवा उनके लिए भी आसान हो जाएगी। सिर्फ एक स्मार्टफोन और इंटरनेट कनेक्शन से वे घर बैठे अपना काम कर सकेंगे।

डिजिटल इंडिया अभियान के तहत सरकार पहले से ही सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन और पेपरलेस बनाने पर जोर दे रही है। आधार से जुड़ी यह नई सुविधा उसी दिशा में एक मजबूत कदम है। इससे न सिर्फ लोगों का समय बचेगा, बल्कि सरकारी दफ्तरों और आधार केंद्रों पर भीड़ भी कम होगी। साथ ही भ्रष्टाचार और बिचौलियों की भूमिका भी सीमित होगी, क्योंकि प्रक्रिया सीधे डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए पूरी की जा सकेगी।

हालांकि UIDAI ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह सुविधा चरणबद्ध तरीके से लागू की जा रही है। शुरुआत में मोबाइल नंबर अपडेट जैसी सेवाएं ऐप के जरिए उपलब्ध कराई जा रही हैं, जबकि नाम, जन्मतिथि या अन्य बड़े बदलावों के लिए फिलहाल पुराने नियम लागू रह सकते हैं। UIDAI समय-समय पर इन सेवाओं की समीक्षा करेगा और जरूरत के अनुसार बदलाव करता रहेगा। इसका मतलब यह है कि आने वाले समय में आधार से जुड़े और भी कई अपडेट घर बैठे संभव हो सकते हैं।

एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि UIDAI ने आम लोगों को सतर्क रहने की भी सलाह दी है। मोबाइल नंबर अपडेट की सुविधा आसान होने के साथ-साथ साइबर ठगी का खतरा भी बढ़ सकता है। इसलिए UIDAI ने साफ किया है कि आधार से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक ऐप और वेबसाइट का ही इस्तेमाल करें। किसी अनजान लिंक, कॉल या मैसेज पर अपनी आधार जानकारी साझा न करें। आधार से जुड़ी सुरक्षा पूरी तरह यूज़र की सतर्कता पर भी निर्भर करती है।

आधार में मोबाइल नंबर अपडेट की यह नई व्यवस्था उन लोगों के लिए भी बेहद फायदेमंद साबित होगी, जिनका पुराना नंबर किसी वजह से बंद हो चुका है। अब तक ऐसे मामलों में आधार अपडेट कराना और भी मुश्किल हो जाता था, क्योंकि OTP पुराने नंबर पर ही आता था। नई व्यवस्था में UIDAI इस समस्या का भी समाधान निकालने की दिशा में काम कर रहा है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को राहत मिल सके।

कुल मिलाकर देखा जाए तो UIDAI का यह फैसला आम नागरिक की सुविधा को केंद्र में रखकर लिया गया कदम है। यह न सिर्फ आधार से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाएगा, बल्कि डिजिटल सेवाओं पर लोगों का भरोसा भी बढ़ाएगा। आज के दौर में जब हर काम तेजी से डिजिटल हो रहा है, ऐसे में आधार जैसी महत्वपूर्ण पहचान से जुड़ी सेवाओं का भी उतना ही सरल और सुलभ होना जरूरी है।

आने वाले दिनों में अगर यह सुविधा पूरी तरह से सुचारु रूप से लागू हो जाती है, तो आधार से जुड़ी शिकायतों और समस्याओं में भी बड़ी कमी देखने को मिलेगी। लोगों को न तो लंबी कतारों में लगना पड़ेगा और न ही बार-बार दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ेंगे। सिर्फ कुछ मिनटों में मोबाइल नंबर अपडेट हो सकेगा, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि मानी जाएगी।

निष्कर्ष के तौर पर कहा जा सकता है कि आधार में मोबाइल नंबर अपडेट करने की यह नई सुविधा डिजिटल इंडिया की सोच को जमीन पर उतारने का एक मजबूत उदाहरण है। यह बदलाव दिखाता है कि सरकार और UIDAI आम नागरिक की परेशानियों को समझते हुए तकनीक का सही इस्तेमाल कर रहे हैं। अगर यह पहल सफल रहती है, तो आने वाले समय में आधार से जुड़ी सेवाएं और भी आसान, तेज़ और भरोसेमंद बन सकती हैं।

Exit mobile version