प्रभास स्टारर पैन-इंडिया फिल्म ‘द राजा साब’ ने रिलीज़ के तीसरे दिन बॉक्स ऑफिस पर बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है। शुरुआती वीकेंड में उतार-चढ़ाव के बावजूद फिल्म ने भारत में 100 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया, जिससे यह साल की सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल हो गई है। हॉरर-कॉमेडी जॉनर में बनी यह फिल्म दर्शकों के बीच लगातार चर्चा में बनी हुई है और ट्रेड पंडितों की नजर अब इसके वीकडे ट्रेंड पर टिकी है।
फिल्म का निर्देशन मारुति दासरी ने किया है, जो अपनी एंटरटेनर फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। प्रभास के साथ मालविका मोहनन, निधि अग्रवाल, संजय दत्त जैसे कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आते हैं। रिलीज़ से पहले ही फिल्म का बज़ मजबूत था, और उसी का असर ओपनिंग पर साफ दिखाई दिया।
दमदार ओपनिंग से बना माहौल
‘द राजा साब’ ने पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर जोरदार शुरुआत की। प्रभास की स्टार पावर और पैन-इंडिया रिलीज़ रणनीति के चलते फिल्म को बड़े पैमाने पर स्क्रीन मिलीं। ओपनिंग डे पर फिल्म ने भारत में मजबूत कलेक्शन दर्ज किया, जिससे यह साफ हो गया कि फैंस लंबे समय से प्रभास को एक अलग जॉनर में देखने के लिए उत्साहित थे। पहले दिन की कमाई ने फिल्म को एक ठोस आधार दे दिया, हालांकि इसके बाद ग्राफ में सामान्य गिरावट देखने को मिली।
दूसरे दिन फिल्म की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ी, जो आमतौर पर बड़े बजट की फिल्मों में देखा जाता है। इसके बावजूद दो दिनों का कुल कलेक्शन संतोषजनक रहा और ट्रेड सर्कल में यह चर्चा तेज हो गई कि फिल्म ओपनिंग वीकेंड में बड़ा आंकड़ा छू सकती है।
तीसरे दिन बना 100 करोड़ का रिकॉर्ड
तीसरे दिन, यानी संडे को, ‘द राजा साब’ ने वह कर दिखाया जिसका इंतजार ट्रेड कर रहा था। संडे के कलेक्शन ने फिल्म को भारत में 100 करोड़ क्लब में पहुंचा दिया। हालांकि तीसरे दिन की कमाई पहले दिन जितनी तेज नहीं रही, लेकिन कुल मिलाकर वीकेंड ने फिल्म को मजबूत स्थिति में ला खड़ा किया। ओपनिंग वीकेंड में 100 करोड़ का आंकड़ा पार करना किसी भी फिल्म के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है, खासकर तब जब जॉनर हॉरर-कॉमेडी हो।
ट्रेड एनालिस्ट्स के मुताबिक, फिल्म का सबसे मजबूत प्रदर्शन तेलुगु बाजार से आया है, जहां प्रभास की फैन फॉलोइंग बेहद बड़ी है। हिंदी बेल्ट में भी फिल्म ने सम्मानजनक कलेक्शन किया है, जबकि तमिल और कन्नड़ वर्जन से मिला-जुला रिस्पॉन्स देखने को मिला।

कहानी और दर्शकों की प्रतिक्रिया
‘द राजा साब’ की कहानी एक रहस्यमयी हवेली और उससे जुड़े अतीत के इर्द-गिर्द घूमती है, जहां हॉरर के साथ कॉमेडी का तड़का लगाया गया है। प्रभास का किरदार गंभीरता और हल्के-फुल्के अंदाज के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करता दिखता है। दर्शकों का एक वर्ग फिल्म के विजुअल्स और बैकग्राउंड स्कोर की तारीफ कर रहा है, वहीं कुछ लोग कहानी को और मजबूत होने की उम्मीद जता रहे हैं।
सोशल मीडिया पर फिल्म को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। प्रभास के फैंस उनके अलग अवतार को पसंद कर रहे हैं, जबकि न्यूट्रल दर्शकों की राय फिल्म की स्क्रिप्ट को लेकर बंटी हुई है। यही वजह है कि फिल्म की आगे की कमाई काफी हद तक वर्ड-ऑफ-माउथ पर निर्भर करेगी।
वर्ल्डवाइड कलेक्शन और ट्रेड एनालिसिस
भारत के अलावा ओवरसीज मार्केट में भी ‘द राजा साब’ ने ठीक-ठाक प्रदर्शन किया है। ओपनिंग वीकेंड के बाद फिल्म का वर्ल्डवाइड कलेक्शन भी मजबूत स्थिति में बताया जा रहा है। खाड़ी देशों और अमेरिका में प्रभास की फिल्मों का हमेशा अच्छा रिस्पॉन्स रहा है, और इस बार भी वही ट्रेंड नजर आ रहा है।
ट्रेड विशेषज्ञों का मानना है कि अगर फिल्म वीकडेज़ में स्थिर रहती है और गिरावट सीमित रहती है, तो यह आसानी से एक सफल रन की ओर बढ़ सकती है। हालांकि, कंटेंट-ड्रिवन फिल्मों के मुकाबले बड़ी स्टार फिल्मों पर दबाव ज्यादा होता है, क्योंकि बजट और रिकवरी की उम्मीदें भी उतनी ही बड़ी होती हैं।
आगे का रास्ता कितना आसान?
100 करोड़ क्लब में एंट्री के बाद असली परीक्षा अब शुरू होती है। सोमवार से फिल्म का असली ट्रेंड सामने आएगा, जो यह तय करेगा कि ‘द राजा साब’ लंबी रेस का घोड़ा बन पाएगी या नहीं। आने वाले दिनों में नई रिलीज़ और दर्शकों की प्राथमिकताएं भी इसके कलेक्शन को प्रभावित कर सकती हैं।
फेस्टिव सीजन और छुट्टियों का फायदा अगर फिल्म को मिलता है, तो इसके लाइफटाइम कलेक्शन में अच्छी बढ़त देखने को मिल सकती है। वहीं अगर वीकडेज़ में गिरावट तेज होती है, तो फिल्म को केवल ओपनिंग वीकेंड की सफलता तक ही सीमित माना जाएगा।