Vinod Kumar Shukla PaVinod Kumar Shukla Passes Awaysses Away

हिंदी साहित्य की दुनिया आज एक गहरी ख़ामोशी में डूब गई है। कवि, कथाकार और अपनी अनोखी सादगी से भाषा को नई आत्मा देने वाले विनोद कुमार शुक्ल अब हमारे बीच नहीं रहे। उनका जाना केवल एक साहित्यकार का जाना नहीं है, बल्कि उस संवेदनशील दृष्टि का खो जाना है,Continue Reading