नई दिल्ली: देश के सबसे बड़े निजी बैंकों में शामिल HDFC Bank ने अपने डेबिट कार्ड ग्राहकों के लिए एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। बैंक ने न सिर्फ लाउंज एक्सेस के लिए जरूरी खर्च की सीमा को दोगुना कर दिया है, बल्कि फिजिकल कार्ड स्वाइप सिस्टम को खत्म कर डिजिटल वाउचर सिस्टम लागू करने का भी ऐलान किया है। यह नया नियम 10 जनवरी 2026 से प्रभावी होगा।
यह फैसला उन लाखों ग्राहकों को सीधे तौर पर प्रभावित करेगा, जो HDFC बैंक के डेबिट कार्ड के जरिए देशभर के एयरपोर्ट लाउंज की सुविधा लेते रहे हैं।
अब क्या बदलेगा? पुराने और नए नियम में फर्क
अब तक HDFC Bank के डेबिट कार्डधारकों को अगर किसी कैलेंडर क्वार्टर (तीन महीने) में ₹5,000 या उससे अधिक का खर्च करना होता था, तो वे अगली तिमाही में एयरपोर्ट लाउंज का फ्री एक्सेस ले सकते थे। इसके लिए एयरपोर्ट लाउंज पर सिर्फ डेबिट कार्ड स्वाइप करना पर्याप्त होता था।
लेकिन अब बैंक ने इस सिस्टम में दो अहम बदलाव किए हैं।
खर्च की सीमा हुई दोगुनी
HDFC Bank ने लाउंज एक्सेस के लिए जरूरी न्यूनतम खर्च को ₹5,000 से बढ़ाकर ₹10,000 प्रति क्वार्टर कर दिया है। यानी अब लाउंज सुविधा पाने के लिए ग्राहकों को पहले से दोगुना खर्च करना होगा।
यह खर्च डेबिट कार्ड से किए गए शॉपिंग, ऑनलाइन पेमेंट या POS ट्रांजैक्शन के आधार पर गिना जाएगा।ATM से कैश निकालने या कुछ विशेष ट्रांजैक्शन इसमें शामिल नहीं होंगे।
फिजिकल कार्ड स्वाइप खत्म, वाउचर सिस्टम शुरू
10 जनवरी 2026 से डेबिट कार्ड को सीधे लाउंज में स्वाइप करके एंट्री नहीं मिलेगी। इसकी जगह डिजिटल वाउचर सिस्टम लागू किया जाएगा।
अब अगर कोई ग्राहक खर्च की शर्त पूरी करता है, तो उसे:
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SMS या ई-मेल के जरिए
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एक डिजिटल लाउंज वाउचर लिंक भेजा जाएगा
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उसी वाउचर को दिखाकर लाउंज में एंट्री मिलेगी
यह बदलाव बैंक की ओर से डिजिटलाइजेशन और बेहतर ट्रैकिंग सिस्टम की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है।
वाउचर सिस्टम कैसे काम करेगा?
HDFC Bank के नए नियमों के मुताबिक:
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जिस क्वार्टर में ग्राहक ₹10,000 या उससे ज्यादा खर्च करेगा
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उसके बाद 2 कार्य दिनों के भीतर
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ग्राहक को लाउंज वाउचर क्लेम करने का लिंक मिलेगा
ग्राहक उस लिंक पर जाकर वाउचर को एक्टिवेट कर सकेगा।
एयरपोर्ट पर लाउंज स्टाफ को QR कोड या वाउचर नंबर दिखाना होगा।
वाउचर की वैधता कितनी होगी?
लाउंज वाउचर की वैधता क्लेम की तारीख से लेकर अगली तिमाही के अंत तक होगी।
उदाहरण के तौर पर:
अगर किसी ग्राहक ने नवंबर 2025 में खर्च की शर्त पूरी की, तो उसका वाउचर मार्च 2026 के अंत तक मान्य रहेगा।
वहीं जनवरी 2026 में क्लेम किया गया वाउचर जून 2026 तक इस्तेमाल किया जा सकेगा।
किन कार्डधारकों पर लागू होगा नया नियम?
यह नया नियम HDFC Bank के अधिकांश डेबिट कार्डधारकों पर लागू होगा, जिनके कार्ड पर पहले से एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस की सुविधा मिलती थी।
हालांकि, बैंक ने साफ किया है कि:
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HDFC Infiniti Debit Card धारकों को
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₹10,000 खर्च करने की शर्त से छूट मिलेगी
इन प्रीमियम कार्डधारकों को पहले की तरह बिना क्वार्टर खर्च की शर्त के लाउंज वाउचर दिया जाएगा।
बैंक ने यह बदलाव क्यों किया?
HDFC Bank के इस फैसले के पीछे कई वजहें मानी जा रही हैं:
पहली वजह:
बैंक चाहता है कि ग्राहक डेबिट कार्ड का ज्यादा सक्रिय रूप से इस्तेमाल करें, जिससे डिजिटल ट्रांजैक्शन बढ़े।
दूसरी वजह:
फिजिकल कार्ड स्वाइप के बजाय वाउचर सिस्टम से फ्रॉड और मिसयूज पर बेहतर नियंत्रण संभव होगा।
तीसरी वजह:
लाउंज एक्सेस पर बढ़ते खर्च को कंट्रोल करना और प्रीमियम सुविधा को सीमित यूजर्स तक रखना।
ग्राहकों के लिए क्या मायने रखता है यह फैसला?
इस बदलाव का असर सीधे उन ग्राहकों पर पड़ेगा, जो:
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कम खर्च में
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सिर्फ लाउंज सुविधा के लिए
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डेबिट कार्ड का इस्तेमाल करते थे
अब उन्हें हर तिमाही अपने खर्च की प्लानिंग करनी होगी।
हालांकि, जो ग्राहक नियमित रूप से डेबिट कार्ड से शॉपिंग या ऑनलाइन पेमेंट करते हैं, उनके लिए ₹10,000 की सीमा पूरी करना मुश्किल नहीं होगा।
लाउंज एक्सेस लेने वालों के लिए जरूरी टिप्स
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हमेशा यह चेक करें कि आपका डेबिट कार्ड खर्च ₹10,000 पार कर चुका है या नहीं
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बैंक से आने वाले SMS और ई-मेल अलर्ट मिस न करें
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वाउचर मिलने के बाद उसकी एक्सपायरी डेट जरूर देखें
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यात्रा से पहले वाउचर को क्लेम कर लें, ताकि एयरपोर्ट पर परेशानी न हो
निष्कर्ष
HDFC Bank का यह फैसला साफ संकेत देता है कि बैंक अब एयरपोर्ट लाउंज जैसी प्रीमियम सुविधाओं को ज्यादा खर्च से जोड़ना चाहता है।
₹5,000 से ₹10,000 की गई खर्च सीमा और डिजिटल वाउचर सिस्टम बैंकिंग सेक्टर में बढ़ते डिजिटलीकरण का हिस्सा है।
अगर आप HDFC Bank के डेबिट कार्ड से एयरपोर्ट लाउंज का लाभ लेते हैं, तो 10 जनवरी 2026 से पहले इन नए नियमों को समझना और अपनी खर्च रणनीति बदलना बेहद जरूरी है।
