Gold-Silver Price Today: खरमास के दौरान सोने-चांदी के भाव स्थिर, निवेशकों के लिए अच्छा मौका

Gold-Silver Price Today

खरमास की अवधि को परंपरागत रूप से मांगलिक कार्यों के लिए शुभ नहीं माना जाता, लेकिन निवेश और समझदारी भरी खरीदारी के नजरिए से यह समय अक्सर अवसर लेकर आता है। इस साल भी कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है। देश के ज्यादातर सर्राफा बाजारों में सोने और चांदी के भाव फिलहाल स्थिर बने हुए हैं। जानकारों का मानना है कि यह ठहराव ज्यादा दिन नहीं टिकेगा और आने वाले हफ्तों में कीमतों में धीमी लेकिन मजबूत तेजी देखने को मिल सकती है।

Patna Gold-Silver Price Today

पटना के सर्राफा बाजार में आज सोने और चांदी की कीमतों में कोई खास बदलाव नहीं देखने को मिला। बाजार में स्थिरता बनी हुई है, लेकिन खरीदारी की रफ्तार तेज है।

आज 24 कैरेट सोना ₹1,35,000 प्रति 10 ग्राम (GST अलग) के भाव पर कारोबार कर रहा है, जबकि चांदी ₹2,32,650 प्रति किलो के स्तर पर बनी हुई है।

खास बात यह है कि खरमास समाप्त होने के बाद शुरू हुए शादी-विवाह सीजन का असर सीधे बाजार पर दिख रहा है। मांग बढ़ने के बावजूद सर्राफा कारोबारियों ने दामों में फिलहाल कोई इजाफा नहीं किया है, जिससे कीमतें कल के स्तर पर ही टिकी हुई हैं।

Gold-Silver Price Today
Gold-Silver Price Today

बाजार में क्यों बनी है स्थिरता?

खरमास के दौरान शादी-विवाह और बड़े खरीदारी कार्यक्रमों की रफ्तार कम हो जाती है, जिससे फिजिकल डिमांड थोड़ी सुस्त रहती है। इसी कारण भावों में तेज उछाल नहीं दिख रहा। दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिल रहे संकेत और घरेलू निवेशकों की निरंतर दिलचस्पी ने कीमतों को नीचे गिरने से भी रोके रखा है। नतीजा—सोना और चांदी एक सीमित दायरे में टिके हुए हैं।

आगे क्यों बढ़ सकती हैं कीमतें?

बाजार विश्लेषकों के अनुसार, आने वाले समय में कई ऐसे कारक हैं जो कीमती धातुओं को सहारा दे सकते हैं। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के माहौल में निवेशक आज भी सोने को सेफ हेवन मानते हैं। इसके साथ ही, ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता और डॉलर में उतार-चढ़ाव भी सोने-चांदी के पक्ष में जाता दिख रहा है।

चांदी की बात करें तो औद्योगिक मांग—खासतौर पर सोलर, इलेक्ट्रॉनिक्स और नई तकनीकों में उपयोग—इसके दामों को लंबी अवधि में मजबूत आधार देती है।

खरीदारी के लिए क्यों सही समय?

जब बाजार बहुत तेज चलता है, तब आम खरीदार को सही दाम नहीं मिल पाता। लेकिन स्थिर भावों का दौर उन लोगों के लिए बेहतर माना जाता है जो सोच-समझकर निवेश करना चाहते हैं। खरमास के कारण बाजार में भीड़ कम है, मेकिंग चार्ज पर बातचीत की गुंजाइश रहती है और दाम भी फिलहाल नियंत्रण में हैं।

विशेषज्ञ मानते हैं कि जो लोग लंबी अवधि के निवेश या आने वाले शादी-विवाह सीजन की तैयारी कर रहे हैं, उनके लिए यह समय संतुलित खरीदारी का हो सकता है।

निवेशकों के लिए क्या है रणनीति?

इस समय पूरा निवेश एक साथ करने के बजाय किस्तों में खरीदारी करना समझदारी मानी जा रही है। इससे दामों के उतार-चढ़ाव का जोखिम कम होता है। सोने के साथ-साथ चांदी को भी पोर्टफोलियो में शामिल करना भविष्य के लिहाज से फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि चांदी में उतार-चढ़ाव ज्यादा होता है लेकिन संभावित रिटर्न भी आकर्षक रहते हैं।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर, खरमास के बीच सोने-चांदी के भावों में दिख रही स्थिरता अस्थायी ठहराव है। बाजार के संकेत बताते हैं कि मांग लौटते ही कीमतें ऊपर की ओर जा सकती हैं। ऐसे में जो लोग सही मौके की तलाश में थे, उनके लिए यह समय सुनहरा मौका साबित हो सकता है—बस खरीदारी सोच-समझकर और अपने बजट के अनुसार करना जरूरी है।

1 Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *