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Border 2 इवेंट में भावुक हुए Sunny Deol, पिता Dharmendra को याद कर छलके आंसू, बोले – हक़ीक़त ने मुझे देशभक्ति का मतलब सिखाया

बॉलीवुड अभिनेता सनी देओल हाल ही में Border 2 से जुड़े एक खास इवेंट में उस वक्त भावुक हो गए, जब उन्होंने अपने पिता और दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र को याद किया। मंच पर बोलते हुए सनी देओल की आंखें नम हो गईं और उन्होंने खुलकर बताया कि कैसे उनके पिता की फिल्म ‘हक़ीक़त’ ने उनके जीवन और करियर की दिशा तय की।

सनी देओल ने कहा कि देशभक्ति उनके लिए सिर्फ एक फिल्मी जॉनर नहीं, बल्कि एक भावना है, जिसे उन्होंने बचपन से अपने पिता की फिल्मों के जरिए महसूस किया। उन्होंने माना कि अगर धर्मेंद्र की फिल्में न होतीं, तो शायद बॉर्डर जैसी फिल्म में उनकी आत्मा कभी नहीं उतर पाती।

धर्मेंद्र की ‘हक़ीक़त’ से मिला देश के लिए जीने का जज़्बा

सनी देओल ने मंच से बोलते हुए बताया कि 1964 में आई फिल्म ‘हक़ीक़त’ उन्होंने बचपन में देखी थी और उस फिल्म ने उनके मन पर गहरी छाप छोड़ी। उन्होंने कहा कि उस फिल्म में देश के लिए सैनिकों का बलिदान, उनकी पीड़ा और उनका साहस देखकर उन्हें पहली बार समझ आया कि सिनेमा सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के लिए संदेश देने का माध्यम भी हो सकता है।

सनी ने कहा कि जब वे Border में काम कर रहे थे, तब उनके ज़हन में बार-बार धर्मेंद्र की वही फिल्म और उसका भावनात्मक असर घूमता रहता था। यही वजह थी कि Border उनके करियर की सिर्फ एक हिट फिल्म नहीं, बल्कि दिल से जुड़ा प्रोजेक्ट बन गई।

Border 2 सिर्फ फिल्म नहीं, एक भावना है: सनी देओल

Border 2 को लेकर बात करते हुए सनी देओल ने कहा कि यह फिल्म सिर्फ बॉक्स ऑफिस के लिए नहीं बनाई जा रही, बल्कि यह देश के उन जवानों को समर्पित है, जिन्होंने बिना किसी उम्मीद के अपनी जान देश के नाम कर दी। उन्होंने बताया कि जब भी वे वर्दी पहनते हैं, तो उन्हें अपने पिता की सीख और देशभक्ति से भरी फिल्मों की याद आ जाती है।

उन्होंने यह भी कहा कि धर्मेंद्र ने हमेशा उन्हें सिखाया कि सच्चाई और ईमानदारी के साथ काम करना ही कलाकार की असली पहचान होती है।

Border 2
Border 2

पिता-पुत्र के रिश्ते ने छुआ लोगों का दिल

इवेंट में मौजूद दर्शकों और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों ने सनी देओल के इस भावुक पल को बेहद करीब से महसूस किया। सोशल मीडिया पर भी यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जहां लोग सनी और धर्मेंद्र के रिश्ते को ‘भारतीय सिनेमा का सबसे भावनात्मक बॉन्ड’ बता रहे हैं।
धर्मेंद्र आज भले ही फिल्मों से दूर हों, लेकिन उनकी विरासत, उनके संस्कार और उनकी देशभक्ति से जुड़ी फिल्में आज भी सनी देओल के अभिनय में साफ झलकती हैं।

देशभक्ति सिनेमा की विरासत को आगे बढ़ा रहे सनी देओल

Border से लेकर आने वाली Border 2 तक, सनी देओल ने यह साबित किया है कि वे सिर्फ एक एक्शन हीरो नहीं, बल्कि उस विचारधारा के प्रतिनिधि हैं, जो देश, सेना और बलिदान को सर्वोपरि मानती है। धर्मेंद्र की फिल्म ‘हक़ीक़त’ से शुरू हुई यह प्रेरणा आज एक नई पीढ़ी तक पहुंच रही है।

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