Border 2 बॉक्स ऑफिस कलेक्शन: पहले दिन ‘धुरंधर’ का रिकॉर्ड टूटा, अब तक की कुल कमाई जानिए

Border 2 बॉक्स ऑफिस कलेक्शन

सिनेमा सिर्फ मनोरंजन नहीं होता, कई बार वह भावनाओं, यादों और राष्ट्रीय गर्व से भी जुड़ जाता है। जब 1997 में आई फिल्म ‘बॉर्डर’ ने सिनेमाघरों में दस्तक दी थी, तब शायद ही किसी ने सोचा होगा कि यह फिल्म आने वाले दशकों तक भारतीय दर्शकों के दिलों में ज़िंदा रहेगी। अब लगभग तीन दशक बाद, उसी विरासत को आगे बढ़ाते हुए आई ‘बॉर्डर 2’ ने रिलीज़ के पहले ही दिन बॉक्स ऑफिस पर ऐसा तूफान खड़ा कर दिया है, जिसकी उम्मीद ट्रेड एक्सपर्ट्स को भी सीमित ही थी।

ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘बॉर्डर 2’ ने ओपनिंग डे पर कमाई के मामले में फिल्म ‘धुरंधर’ का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जिसे अब तक इस श्रेणी में एक मजबूत बेंचमार्क माना जा रहा था। यह सिर्फ आंकड़ों की जीत नहीं है, बल्कि दर्शकों के भरोसे और भावनात्मक जुड़ाव की भी बड़ी मिसाल है।

पहले दिन की कमाई ने किया साफ इशारा

ट्रेड रिपोर्ट्स के अनुसार, ‘बॉर्डर 2’ को रिलीज़ के दिन देशभर में शानदार ओपनिंग मिली। उत्तर भारत के कई राज्यों में सुबह के शो से ही थिएटर लगभग भर गए थे, वहीं मल्टीप्लेक्स में भी ऑक्यूपेंसी उम्मीद से ज्यादा रही। अनुमानों के मुताबिक, फिल्म ने पहले दिन लगभग 28–30 करोड़ रुपये की कमाई की, जो ‘धुरंधर’ की ओपनिंग से साफ तौर पर ज्यादा मानी जा रही है।

यह आंकड़ा इस बात का संकेत है कि फिल्म को सिर्फ फैंस ही नहीं, बल्कि आम दर्शकों का भी पूरा साथ मिला। पहले दिन की यह मजबूत शुरुआत किसी भी फिल्म के लिए आगे की राह आसान बना देती है

क्यों इतनी मजबूत रही ओपनिंग?

इस मजबूत शुरुआत के पीछे कई वजहें हैं। सबसे बड़ी वजह है ‘बॉर्डर’ नाम से जुड़ी यादें। 1997 में आई पहली फिल्म आज भी टीवी पर लगते ही लोगों को रोक लेती है। उसके डायलॉग, गाने और देशभक्ति की भावना आज भी लोगों के दिलों में ताज़ा है।

‘बॉर्डर 2’ उसी भावना को आगे बढ़ाती है, लेकिन आज के दौर के हिसाब से। यही वजह है कि फिल्म को देखने सिर्फ युवा ही नहीं, बल्कि परिवार के साथ सिनेमाघर पहुंचने वाले दर्शक भी बड़ी संख्या में नजर आए।

Border 2 बॉक्स ऑफिस कलेक्शन
Border 2 बॉक्स ऑफिस कलेक्शन

कहानी और भावना ने दर्शकों को किया कनेक्ट

‘बॉर्डर 2’ की असली ताकत उसकी कहानी है, जो बिना ज्यादा शोर किए दिल तक पहुंचती है। फिल्म देशभक्ति को दिखाने के लिए बड़े-बड़े भाषणों का सहारा नहीं लेती, बल्कि सैनिकों की ज़िंदगी, उनके डर, उनकी जिम्मेदारी और देश के लिए दिए गए बलिदान को सादगी से पेश करती है। यही वजह है कि दर्शक फिल्म को देखते हुए खुद को उससे जुड़ा हुआ महसूस करते हैं।
कई दर्शकों का कहना है कि फिल्म देखने के बाद सिर्फ मनोरंजन का एहसास नहीं होता, बल्कि एक अलग तरह का गर्व भी महसूस होता है। यही भावनात्मक जुड़ाव बॉक्स ऑफिस पर फिल्म की मजबूती का बड़ा कारण बन रहा है।

 

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