शेयर बाजार में जनवरी 2026 की शुरुआत Gabion Technologies के IPO ने खासा उत्साह पैदा किया। SME सेगमेंट में आए इस इश्यू को निवेशकों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला और सब्सक्रिप्शन आंकड़ों ने बाजार को चौंका दिया। अब जबकि IPO सब्सक्रिप्शन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, निवेशकों की नजर एलॉटमेंट स्टेटस, शेयर क्रेडिट और लिस्टिंग डेट पर टिकी हुई है।
Gabion Technologies India Limited ने यह IPO अपने बिजनेस विस्तार और वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से लॉन्च किया था। यह पूरी तरह फ्रेश इश्यू रहा, यानी इसमें प्रमोटर्स द्वारा शेयर बिक्री शामिल नहीं थी। इससे यह साफ संकेत मिला कि जुटाई गई राशि सीधे कंपनी के विकास में इस्तेमाल की जाएगी।
IPO को मिला रिकॉर्डतोड़ सब्सक्रिप्शन
Gabion Technologies IPO को जिस स्तर पर सब्सक्रिप्शन मिला, उसने इसे हाल के सबसे चर्चित SME IPOs में शामिल कर दिया। इश्यू को कुल मिलाकर कई सौ गुना से अधिक सब्सक्राइब किया गया। खास बात यह रही कि रिटेल निवेशकों के साथ-साथ नॉन-इंस्टीट्यूशनल और क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल निवेशकों ने भी इसमें भारी दिलचस्पी दिखाई।
इस तरह का ऊँचा सब्सक्रिप्शन आमतौर पर दो बातों का संकेत देता है। पहला, निवेशकों को कंपनी के बिजनेस मॉडल और ग्रोथ संभावनाओं पर भरोसा है। दूसरा, लिस्टिंग के समय अच्छे रिटर्न की उम्मीद बाजार में बन चुकी है। हालांकि, इतना अधिक ओवरसब्सक्रिप्शन यह भी बताता है कि एलॉटमेंट मिलना आसान नहीं होगा, खासकर रिटेल कैटेगरी में।

एलॉटमेंट स्टेटस को लेकर क्या है ताज़ा अपडेट
IPO बंद होने के बाद अगला महत्वपूर्ण चरण होता है शेयर एलॉटमेंट। नियामक प्रक्रिया के तहत रजिस्ट्रार द्वारा एलॉटमेंट का बेसिस तय किया जाता है। Gabion Technologies IPO का एलॉटमेंट तय तारीख पर पूरा किया गया है और निवेशक अब अपना स्टेटस ऑनलाइन चेक कर सकते हैं।
एलॉटमेंट प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिन निवेशकों को शेयर मिलते हैं, उनके डिमैट अकाउंट में तय समयसीमा के भीतर शेयर क्रेडिट कर दिए जाते हैं। वहीं जिन निवेशकों को एलॉटमेंट नहीं मिलता, उनके बैंक अकाउंट में आवेदन राशि स्वतः रिफंड हो जाती है। इस पूरी प्रक्रिया में निवेशकों को किसी अतिरिक्त आवेदन या रिक्वेस्ट की जरूरत नहीं होती।
एलॉटमेंट स्टेटस कैसे चेक करें
निवेशक अपना एलॉटमेंट स्टेटस आधिकारिक प्लेटफॉर्म के जरिए आसानी से देख सकते हैं। आमतौर पर यह सुविधा स्टॉक एक्सचेंज और IPO रजिस्ट्रार की वेबसाइट पर उपलब्ध होती है। PAN नंबर, एप्लिकेशन नंबर या डिमैट अकाउंट डिटेल्स के जरिए स्टेटस चेक किया जा सकता है।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि अत्यधिक ओवरसब्सक्राइब IPOs में एलॉटमेंट पूरी तरह लॉटरी सिस्टम पर आधारित होता है, खासकर रिटेल निवेशकों के लिए। ऐसे में आवेदन सही होने के बावजूद शेयर न मिलना सामान्य बात है।
ग्रे मार्केट प्रीमियम ने बढ़ाई उम्मीदें
IPO सब्सक्रिप्शन के दौरान और उसके बाद Gabion Technologies का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) चर्चा में रहा। अनौपचारिक बाजार में शेयरों का प्रीमियम यह संकेत देता है कि निवेशक लिस्टिंग पर सकारात्मक रिटर्न की उम्मीद कर रहे हैं।
हालांकि, यह समझना जरूरी है कि GMP कोई आधिकारिक संकेतक नहीं होता। यह केवल बाजार की धारणा को दर्शाता है और लिस्टिंग के दिन वास्तविक प्रदर्शन बाजार स्थितियों पर निर्भर करता है। इसके बावजूद, मजबूत GMP ने इस IPO को लेकर निवेशकों का उत्साह और बढ़ा दिया।
शेयर क्रेडिट और लिस्टिंग की तैयारी
एलॉटमेंट के बाद अगला अहम चरण होता है शेयरों का डिमैट अकाउंट में क्रेडिट होना। तय तारीख के अनुसार सफल निवेशकों के खातों में शेयर ट्रांसफर किए जाते हैं। इसके बाद कंपनी के शेयर SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होते हैं।
लिस्टिंग के दिन निवेशक अपने निवेश पर मिलने वाले वास्तविक रिटर्न को देख पाते हैं। यदि बाजार का रुझान सकारात्मक रहा, तो मजबूत लिस्टिंग गेन देखने को मिल सकता है। वहीं कमजोर बाजार या मुनाफावसूली की स्थिति में उतार-चढ़ाव भी संभव है।
निवेशकों के लिए क्या है सीख
Gabion Technologies IPO ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि SME सेगमेंट में सही समय और सही कंपनी चुनने पर निवेशकों की रुचि कितनी तेजी से बढ़ सकती है। हालांकि, इतना अधिक ओवरसब्सक्रिप्शन यह भी सिखाता है कि IPO में निवेश करते समय केवल लिस्टिंग गेन पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।
निवेशकों को कंपनी के फाइनेंशियल्स, बिजनेस मॉडल और भविष्य की योजनाओं को समझकर ही निर्णय लेना चाहिए। SME शेयरों में लिस्टिंग के बाद वॉल्यूम और लिक्विडिटी सीमित हो सकती है, इसलिए निवेश रणनीति स्पष्ट होना जरूरी है।






