Heart Attack Symptoms:समय रहते पहचानें दिल का खतरा

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Heart Attack Symptoms

Heart Attack Symptoms

आज की तेज़ रफ़्तार जिंदगी में हार्ट अटैक अब सिर्फ बुज़ुर्गों की समस्या नहीं रह गई है, बल्कि युवा भी बड़ी संख्या में इसके शिकार हो रहे हैं। गलत जीवनशैली, तनाव, धूम्रपान, जंक फूड, शारीरिक गतिविधि की कमी और बढ़ती बीमारियों ने हार्ट अटैक के जोखिम को कई गुना बढ़ा दिया है। ऐसे में यह बेहद ज़रूरी है कि हम हार्ट अटैक के शुरुआती संकेतों को समय रहते पहचानें, क्योंकि सही समय पर मिली चिकित्सा जान बचा सकती है।

हार्ट अटैक यानी मायोकार्डियल इंफार्क्शन तब होता है जब दिल तक खून पहुंचाने वाली नसें किसी वजह से अवरुद्ध हो जाती हैं। यह अवरोध आमतौर पर कोलेस्ट्रॉल जमा होने या खून के थक्के बनने से होता है। इसके शुरुआती लक्षण बहुत हल्के भी हो सकते हैं, लेकिन इन्हें हल्के में लेना खतरनाक साबित हो सकता है।

1. सीने में दर्द और दबाव महसूस होना

हार्ट अटैक का सबसे आम और प्रमुख संकेत है—सीने में दर्द। मरीज अक्सर इसे तेज़ चुभन, जलन, भारीपन या दबाव जैसा महसूस करता है। यह दर्द कुछ मिनटों तक रह सकता है, रुक-रुक कर भी हो सकता है और इसे कई लोग गैस या अपच समझकर अनदेखा कर देते हैं। यह दर्द सिर्फ सीने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि बाएं हाथ, कंधे, पीठ, गर्दन और जबड़े तक फैल सकता है।

2. सांस लेने में दिक्कत (Shortness of Breath)

अगर अचानक बिना किसी भारी गतिविधि के सांस फूलने लगे या सामान्य काम करते समय अचानक घुटन महसूस हो, तो यह दिल के दौरे का संकेत हो सकता है। कई बार सांस फूलना और सीने में दर्द एक साथ नहीं भी होते, खासकर महिलाओं और डायबिटीज़ के मरीजों में।

3. ठंडा पसीना आना

बिना किसी शारीरिक मेहनत या गर्मी के अगर अचानक ठंडा पसीना आने लगे, तो इसे साधारण तनाव या कमजोरी समझकर नज़रअंदाज़ न करें। यह दिल पर दबाव बढ़ने की ओर इशारा हो सकता है।

4. मतली, उल्टी और अपच जैसा महसूस होना

बहुत से लोग दिल का दौरा पड़ने पर पेट से जुड़े लक्षण भी महसूस करते हैं। हल्की सी मतली, पेट दर्द या उल्टी कई बार हार्ट अटैक के शुरुआती संकेत होते हैं। खास तौर पर महिलाएं अक्सर हार्ट अटैक के दौरान पेट के लक्षण अनुभव करती हैं।

5. थकान, कमजोरी और चक्कर आना

यदि आपको अचानक बेहद असामान्य थकान, कमजोरी या चक्कर जैसा महसूस होने लगे, खासकर बिना किसी कारण, तो यह आपके दिल के स्वास्थ्य की चेतावनी हो सकती है। महिलाएं हार्ट अटैक से पहले कई दिनों तक थकान महसूस करती हैं, जिसे अक्सर ‘ओवरवर्क’ समझ लिया जाता है।

6. दिल की धड़कन का तेज़ या अनियमित होना (Palpitations)

यदि दिल अचानक तेज धड़कने लगे, धड़कनों में अनियमितता हो या ऐसा लगे कि दिल बाहर निकल रहा है, तो इसे भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। यह कई बार दिल की खतरे की घंटी हो सकती है।

7. पीठ, जबड़े या गर्दन में दर्द

कुछ लोगों में हार्ट अटैक के दौरान दर्द सीधे सीने में नहीं होता, बल्कि पीठ, जबड़े या गर्दन में अजीब सा असहजपन महसूस होता है। खासकर महिलाओं में यह लक्षण ज़्यादा आम है।

क्यों नज़रअंदाज़ होते हैं हार्ट अटैक के लक्षण?

बहुत से लोग शुरुआती लक्षणों को गैस, तनाव, थकान, मांसपेशियों के दर्द जैसे सामान्य कारणों से जोड़ देते हैं। खासकर युवा लोग सोचते हैं कि हार्ट अटैक तो सिर्फ बूढ़ों को होता है, इसलिए वे समय पर डॉक्टर के पास नहीं जाते। लेकिन आज की लाइफस्टाइल में कम उम्र में भी हार्ट अटैक का खतरा तेजी से बढ़ा है।

कौन लोग हैं ज्यादा जोखिम में?

  • स्मोकिंग करने वाले

  • हाई BP या शुगर के मरीज

  • उच्च कोलेस्ट्रॉल

  • मोटापा

  • तनावपूर्ण जीवनशैली

  • फैमिली हिस्ट्री

  • लंबी अवधि की शारीरिक निष्क्रियता

  • जंक फूड का सेवन

  • शराब का अत्यधिक सेवन

हार्ट अटैक की हालत में क्या करें?

  • तुरंत इमरजेंसी मेडिकल सहायता बुलाएं (जैसे 108)

  • मरीज को बैठा हुआ और शांत रखें

  • अगर एस्पिरिन डॉक्टर ने पहले से सुझाया हो तो चबा कर दें

  • देरी न करें, हर सेकंड कीमती है

हार्ट अटैक की रोकथाम

दवा से ज्यादा अहम है बचाव। इसलिए अपनी जीवनशैली बदलें:

  • रोजाना 30 मिनट वॉक या व्यायाम

  • हेल्दी डाइट, कम तेल और कम मीठा

  • धूम्रपान और शराब से दूरी

  • तनाव नियंत्रित रखें

  • नियमित हेल्थ चेकअप

निष्कर्ष

हार्ट अटैक अचानक नहीं आता, बल्कि शरीर पहले से संकेत देता है। कभी भी सीने में दर्द, सांस फूलना, ठंडा पसीना, उल्टी जैसा महसूस होना, या चक्कर जैसी शिकायत को साधारण समझकर नजरअंदाज न करें। समय पर पहचान और इलाज जीवन बचा सकता है। दिल को सुरक्षित रखना सिर्फ डॉक्टर का काम नहीं, बल्कि हमारी जिम्मेदारी भी है—क्योंकि स्वस्थ दिल ही स्वस्थ जीवन की नींव है।

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