Taza Junction News

8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग में कितनी बढ़ेगी सैलरी, कब खातों में आएगा पैसा? जानिए पूरी डिटेल

8th Pay Commission

8th Pay Commission

केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वां वेतन आयोग एक बार फिर चर्चा का बड़ा विषय बन चुका है। 7वें वेतन आयोग को लागू हुए लगभग एक दशक पूरा होने जा रहा है और इसी के साथ लाखों सरकारी कर्मचारी यह जानना चाहते हैं कि अगला वेतन आयोग कब आएगा, इसमें सैलरी कितनी बढ़ेगी और सबसे अहम सवाल यह है कि बढ़ी हुई रकम आखिर बैंक खाते में कब पहुंचेगी। 8वें वेतन आयोग को लेकर सरकार की तैयारियां, संभावित टाइमलाइन और सैलरी हाइक के अनुमान इस समय सबसे ज्यादा सर्च किए जा रहे विषयों में शामिल हैं।

भारत में हर 10 साल में वेतन आयोग का गठन किया जाता है ताकि सरकारी कर्मचारियों के वेतन, भत्तों और पेंशन को महंगाई और आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप संशोधित किया जा सके। 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2016 से लागू हुई थीं और इनकी अवधि 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो रही है। इसी कारण यह लगभग तय माना जा रहा है कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएंगी, हालांकि वास्तविक भुगतान में कुछ समय लग सकता है।

8वें वेतन आयोग का समय और प्रक्रिया

वेतन आयोग की प्रक्रिया केवल घोषणा तक सीमित नहीं होती। पहले सरकार आयोग का गठन करती है, फिर आयोग कर्मचारियों, मंत्रालयों और विभिन्न संगठनों से सुझाव लेता है। इसके बाद एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाती है, जिसे सरकार के सामने रखा जाता है। सरकार रिपोर्ट की सिफारिशों की समीक्षा कर अंतिम मंजूरी देती है और फिर इसे लागू किया जाता है। इसी वजह से अक्सर ऐसा देखा गया है कि वेतन आयोग की सिफारिशें प्रभावी तिथि से तो लागू मानी जाती हैं, लेकिन वास्तविक सैलरी बढ़ोतरी और एरियर कुछ महीनों या कभी-कभी साल भर बाद मिलते हैं।

7वें वेतन आयोग में भी यही हुआ था। इसे 1 जनवरी 2016 से लागू माना गया, लेकिन कर्मचारियों को बढ़ी हुई सैलरी जून 2016 से मिलनी शुरू हुई थी और एरियर अलग से दिया गया था। 8वें वेतन आयोग के मामले में भी ऐसा ही पैटर्न रहने की संभावना है। अनुमान है कि आयोग की रिपोर्ट 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत तक तैयार हो सकती है और इसके बाद सरकार इसे मंजूरी देगी। ऐसे में वास्तविक भुगतान 2027 के दौरान शुरू हो सकता है।

सैलरी कितनी बढ़ सकती है, क्या कहते हैं अनुमान

8वें वेतन आयोग में सैलरी बढ़ोतरी का सबसे बड़ा आधार फिटमेंट फैक्टर होगा। फिटमेंट फैक्टर वह गुणांक होता है जिससे मौजूदा बेसिक सैलरी को गुणा कर नई बेसिक सैलरी तय की जाती है। 7वें वेतन आयोग में यह फिटमेंट फैक्टर 2.57 था, जिसके कारण कर्मचारियों की सैलरी में अच्छा इजाफा देखने को मिला था।

8वें वेतन आयोग के लिए अभी कोई आधिकारिक फिटमेंट फैक्टर घोषित नहीं किया गया है, लेकिन जानकारों और रिपोर्ट्स के मुताबिक यह 1.8 से लेकर 2.8 के बीच हो सकता है। यदि फिटमेंट फैक्टर 2.0 या उससे अधिक रहता है, तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में सीधा 25 से 35 प्रतिशत तक का इजाफा संभव माना जा रहा है। इसका मतलब यह है कि जिन कर्मचारियों की मौजूदा बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है, उनकी बेसिक सैलरी बढ़कर 35,000 रुपये या उससे अधिक तक पहुंच सकती है, हालांकि यह अंतिम फैसले पर निर्भर करेगा।

सैलरी में बढ़ोतरी केवल बेसिक पे तक सीमित नहीं होती। बेसिक सैलरी बढ़ने के साथ-साथ महंगाई भत्ता, एचआरए और अन्य भत्तों में भी अपने-आप बढ़ोतरी हो जाती है। इसी वजह से कुल इन-हैंड सैलरी में वास्तविक बढ़ोतरी प्रतिशत और ज्यादा महसूस होती है।

महंगाई भत्ता और भत्तों का रोल

महंगाई भत्ता यानी डीए वेतन आयोग का अहम हिस्सा होता है। 7वें वेतन आयोग के दौरान डीए को बेसिक सैलरी से अलग रखा गया था और समय-समय पर इसमें बढ़ोतरी होती रही। 8वें वेतन आयोग में यह चर्चा जरूर है कि डीए को किसी हद तक बेसिक में मर्ज किया जा सकता है, लेकिन इस पर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

यदि डीए का कुछ हिस्सा बेसिक सैलरी में जोड़ा जाता है, तो कर्मचारियों की सैलरी स्ट्रक्चर पूरी तरह बदल सकती है और भविष्य में डीए की गणना भी नए सिरे से होगी। इसके अलावा एचआरए, ट्रैवल अलाउंस और अन्य भत्तों की दरों में भी संशोधन संभव है, जिससे कर्मचारियों की कुल कमाई में और इजाफा हो सकता है।

पेंशनर्स को क्या मिलेगा फायदा

8वां वेतन आयोग केवल मौजूदा कर्मचारियों के लिए ही नहीं, बल्कि पेंशनर्स के लिए भी बेहद अहम है। देश में करीब 65 से 70 लाख पेंशनर्स हैं, जिनकी पेंशन वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर संशोधित की जाती है। नई सिफारिशें लागू होने के बाद पेंशन की गणना भी नए फिटमेंट फैक्टर के अनुसार होगी, जिससे पेंशन में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

पेंशनर्स को भी एरियर का लाभ मिलने की संभावना रहती है, क्योंकि पेंशन रिवीजन आमतौर पर उसी तारीख से प्रभावी माना जाता है, जिस तारीख से वेतन आयोग लागू होता है। ऐसे में उन्हें भी एकमुश्त राशि मिल सकती है।

खातों में पैसा कब आएगा, यही है सबसे बड़ा सवाल

सरकारी कर्मचारियों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि बढ़ी हुई सैलरी और एरियर आखिर बैंक खाते में कब आएगा। मौजूदा संकेतों और पिछले अनुभवों को देखें तो यह साफ है कि 1 जनवरी 2026 से सैलरी बढ़ना कागजों पर माना जा सकता है, लेकिन वास्तविक भुगतान 2027 के दौरान शुरू होने की संभावना ज्यादा है।

पहले चरण में कर्मचारियों को नई सैलरी के अनुसार मासिक भुगतान मिलने लगेगा और इसके बाद एरियर की राशि एक या दो किस्तों में दी जा सकती है। यह एरियर 1 जनवरी 2026 से लेकर नई सैलरी लागू होने की तारीख तक का होगा, जो एक बड़ी रकम हो सकती है।

कितने लोगों को मिलेगा सीधा फायदा

8वें वेतन आयोग से करीब 50 लाख से ज्यादा केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और लगभग 70 लाख पेंशनर्स को सीधा लाभ मिलेगा। इसके अलावा कई राज्य सरकारें भी केंद्र के वेतन आयोग के आधार पर अपने कर्मचारियों के वेतन में बदलाव करती हैं, जिससे राज्यों के कर्मचारियों पर भी इसका अप्रत्यक्ष असर पड़ सकता है।

निष्कर्ष

8वां वेतन आयोग सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए आर्थिक रूप से एक बड़ा बदलाव लेकर आने वाला है। हालांकि सैलरी बढ़ोतरी और भुगतान को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा का इंतजार है, लेकिन मौजूदा संकेत बताते हैं कि सैलरी में 25 से 35 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी संभव है और बढ़ी हुई रकम के साथ एरियर भी मिलने की उम्मीद है। पैसा भले ही तुरंत खाते में न आए, लेकिन जब आएगा तो एकमुश्त बड़ी राहत जरूर देगा। आने वाले महीनों में जैसे-जैसे सरकार की तरफ से स्पष्ट जानकारी सामने आएगी, 8वें वेतन आयोग की तस्वीर और साफ होती जाएगी।

Exit mobile version