ट्रंप की धमकी के बाद क्रेमलिन की परमाणु जंग की चेतावनी: क्या दुनिया तीसरे विश्व युद्ध के कगार पर है?

दुनिया एक खतरनाक मोड़ पर खड़ी है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को युद्ध खत्म करने के लिए 50 दिनों का अल्टीमेटम देने के कुछ ही घंटों बाद रूस की ओर से भयानक परमाणु चेतावनी जारी की गई है। यह चेतावनी न सिर्फ अमेरिका बल्कि पूरी दुनिया के लिए चिंता का कारण बन गई है।

ट्रंप का अल्टीमेटम: “50 दिन में युद्ध बंद करो या परिणाम भुगतो”

डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर रूस 50 दिनों के अंदर यूक्रेन पर हमला बंद नहीं करता तो वह दो कड़े कदम उठाएंगे:

  1. रूस से व्यापार करने वाले सभी देशों पर 100% टैरिफ लगाया जाएगा।

  2. अमेरिका यूक्रेन को लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइलें और उन्नत हथियार देगा।

ट्रंप ने इस कदम को “शांति के लिए आखिरी मौका” बताया और कहा कि यदि रूस नहीं रुका, तो वह पूरी तरह से वैश्विक रूप से अलग-थलग कर दिया जाएगा।

क्रेमलिन की धमकी: “यार्स मिसाइल कभी भी उड़ सकती है”

ट्रंप की धमकी के कुछ घंटों के अंदर ही क्रेमलिन के प्रवक्ताओं और रूसी प्रचारकों ने परमाणु युद्ध की धमकी दे डाली। रूसी युद्ध संवाददाता अलेक्जेंडर स्लाडकोव ने कहा कि रूस की Yars इंटरकॉन्टिनेंटल मिसाइलें, जो हिरोशिमा पर गिराए गए बम से 20 गुना अधिक विनाशकारी हैं, “उड़ने को तैयार हैं”।

रूस के पूर्व राष्ट्रपति और पुतिन के करीबी दिमित्री मेदवेदेव ने चेतावनी दी कि अगर यूक्रेन रूसी क्षेत्र पर अमेरिकी हथियारों से हमला करता है, तो यह नाटो द्वारा युद्ध की घोषणा के रूप में देखा जाएगा। रूस की नई परमाणु नीति (2024) के अनुसार, अब किसी पारंपरिक हमले को भी परमाणु प्रतिक्रिया से जवाब देने का प्रावधान है।

ट्रंप-पुतिन तनाव के बीच यूक्रेन पर मिसाइलों की बौछार

इस सियासी बयानबाजी के बीच रूस ने यूक्रेन पर फिर से भारी मिसाइल और ड्रोन हमले किए। खारकीव, ज़ापोरिज्ज़िया और सुमी जैसे शहरों को निशाना बनाया गया। इन हमलों में कम से कम 5 नागरिक मारे गए और 50 से अधिक घायल हो गए, जिनमें कई बच्चे भी शामिल हैं। स्कूल, अस्पताल और आवासीय इमारतें मलबे में तब्दील हो गईं।

इन हमलों को ट्रंप की धमकी का सीधा जवाब माना जा रहा है—एक स्पष्ट संकेत कि रूस झुकने को तैयार नहीं है।

दुनिया एक खतरनाक मोड़ पर

विश्लेषकों का मानना है कि यह स्थिति अब केवल कूटनीति या आर्थिक दबाव की बात नहीं रही। अब मामला सैन्य टकराव और परमाणु विनाश के जोखिम तक पहुंच चुका है। अगर अमेरिका और उसके सहयोगी यूक्रेन को हथियार देना जारी रखते हैं और रूस इसे अपने खिलाफ युद्ध मानता है, तो परिणाम विनाशकारी परमाणु संघर्ष में बदल सकते हैं।

रूस का यह नया परमाणु सिद्धांत उसे “पहले हमला करने” की अनुमति देता है अगर उसे किसी भी स्तर पर अस्तित्व पर खतरा महसूस हो। और ट्रंप की नीति इसे और भड़का सकती है।

क्या बची है कूटनीति की कोई गुंजाइश?

संयुक्त राष्ट्र और कई यूरोपीय देश जैसे फ्रांस और जर्मनी दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील कर रहे हैं। लेकिन ट्रंप और पुतिन दोनों अपनी जिद और ताकत दिखाने की राजनीति के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में यह कहना मुश्किल है कि कोई शांतिपूर्ण समाधान निकलेगा या नहीं।निष्कर्ष: क्या हम तीसरे विश्व युद्ध के करीब हैं?

ट्रंप की धमकी और रूस की परमाणु चेतावनी ने एक ऐसा माहौल बना दिया है जो विश्व शांति के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। यह केवल दो नेताओं की लड़ाई नहीं है—यह पूरी मानवता के भविष्य का सवाल बन चुका है। अगर जल्द ही कोई समझदारी भरा रास्ता नहीं निकाला गया, तो एक गलत कदम पूरी दुनिया को अंधेरे में धकेल सकता है।


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